Kisse Kahani

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*⚘ कुरान मुकद्दस में एराब (ज़बर, ज़ेर, पेश, जज़्म) किसने लगाऐ?*

*🖍️जवाब -*अबुल असवद दोयली ने लागाए,* मगर उस वक्त ज़बर, ज़ेर, पेश वगैरा की शकलें यह न थीं जो आज हें, उन्होंने नुकतों से ही ज़बर ज़ेर, पेश का काम लिया। फर्क यह था कि एराब वाले नुकूतों के लिये उस रंग की रोशनाई न होती जिस रंग से कुरान लिखा होता बल्कि उसके लिये अलग रंग की रोशनाई इस्तेमाल करते थे। ज़बर के लिये हर्फ पर एक नुकता, ज़ेर के लिये हर्फ़ के नीचे एक नुकता, पेश के लिये हर्फ़ के अन्दर एक नुकता और तश्दीद के लिये दो नुकते मुक्ररर किये। *फिर खलील बिन अहमद फराहीदी ने तशदीद, मद, वक्फ, जज़्म, वस्ल और हरकतों की निशानियाँ लगाई। और ज़बर, जेर पेश की सूरतें बनाई जो आज मौजूद हैं!

*(रुहुलबयान जिल्द 4 पेज 65 ता 66)*

*सवाल – कुरान में नुकते किसने लगाऐ?*

*🖍️जवाब -* हज्जाज बिन यूसुफ़ सकफ़ी के हुक्म से नस्र बिन आसिम लेसी और यहया बिन यामर ने लगाए।

*(रुहुलबयान 4 पेज 66)(शरह शिफ़ा 2 पेज 335 )*

*सवाल – नुकते किस सन में लगाऐ गये?*

🖍️जवाब – 86 हिजरी में!

*(आईनऐ तारीख पेज 22)*
।*
*[📚 मख्ज़न-ए-मालूमात 65,66]*

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सवाल

* कुरान में कितने हुरुफ़ हैं और कुरान में नबियों के नाम से कितनी सूरतें हैं ?*

जवाब
* 323671 हुरुफ़ है ,नबियों के नाम से 6 सूरते है *

*📿 तफ्सील 👇🏽*
*⚘

*सवाल – कुरान में कितने हुरुफ़ हैं ?*

◆जवाब- तीन लाख तेइस हज़ार छः सौ इकहत्तर (323671) !

*

*सवाल – कुरान में नबियों के नाम से कितनी सूरतें हैं?*

◆जवाब- छः सूरतें हैं (1) सूरए यूनुस (2)सूरऐ हूद (3)सूरऐ यूसुफ (4)सूरए इब्राहीम (5)सूरए नूह (6)सूरए मुहम्मद।
*[📚 मख्ज़न-ए-मालूमात 64]*
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*जानवरों का बयान*

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सवाल- अल्लाह तआला ने सबसे पहले किस जानवर को पैदा किया?
*जवाब- मछली को।*
(📚हयातुल हैवान जिल्द 2 सफ़्हा 372)

सवाल- जानवरों में बाज़ घरेलू और बाज़ जंगली कैसे हुऐ?
*जवाब- जब हज़रत आदम अलैहिस्सलाम तमाम रूऐ ज़मीन के ख़लीफा बनाऐ गऐ तो हज़रत जिब्रईल अलैहिस्सलाम ज़मीन पर तशरीफ लाऐ और आपने तमाम रूऐ ज़मीन के जानवरों को आवाज़ दी कि अल्लाह तआला ने तुम पर ख़लीफा मुकर्रर किया है उनके हुक्म की इताअत व फरमाँ बरदारी करो इस आवाज़ पर तमाम दरयाई जानवरों ने अपना अपना सर पानी से निकालकर इताअत व फ़रमाबरदारी का इज़हार किया और खुश्की के तमाम जानवर हज़रत आदम अलैहिस्सलाम के पास जमा हो गए फिर हज़रत आदम अलैहिस्सलाम ने हर जानवर को करीब बुलाकर उसपर अपना हाथ रखना शुरू कर दिया जो जानवर हज़रत आदम अलैहिस्सलाम के करीब आऐ और उनपर आपका हाथ पहुँचा वह अहली(घरेलू यानी पाले जाने वाले)हुऐ जैसे घोड़ा,बकरी,कुत्ता,ऊँट,बिल्ली वगैरह और जो जानवर दूर रहे उनपर आपका हाथ नहीं पहुँचा वह वहशी (जंगली) हुऐ जैसे नील गाय हिरन खरगोश वगैरह।*
(📚तफ़सीर अज़ीज़ी सूरऐ बक़र सफ़्हा 171)

सवाल- किन जानवरों की कुरबानी जाइज़ है।
*जवाब- तीन किस्म के जानवरों की कुरबानी जाइज़ है,(1)ऊँट(2)गाय(3)बकरी । भैंस गाय में दाख़िल और भेड़ और दुम्बा बकरी में दाख़िल है उनकी भी कुर्बानी हो सकती है।*
(📚फ़तावा आलमगीरी जिल्द 4 सफ़्हा 80)

सवाल- वह कौनसा जानवर है जिसका गोश्त खाने के बाद वुजु करना मुस्तहब है?
*जवाब- ऊँट का गोश्त खा लेने के बाद वुजु करना मुस्तहब है।*
(📚दुर्रे मुख्तार मअ रददुल मुहतार जिल्द 1 सफ़्हा 63)

सवाल- जानवरों में आदतन हमल की मुद्दत क्या है?
*जवाब- हाथी में हमल की मुद्दत ग्यारह महीने और ऊँट घोड़े गधे में एक साल और गाय भैंस में नौ महीने और बकरी में पाँच महीने बिल्ली में दो महीने कुत्ते में चालीस दिन और तमाम परिन्दों के लिये इक्कीस दिन है।*
(📚रददुल मुहतार जिल्द 5 सफ़्हा 432)

सवाल- क्या जानवरों को भी माहवारी का खून आता है?
*जवाब- हाँ तीन जानवरों को आता है,(1)खरगोश(2)बिज्जू(3)चमगादड़।*
(📚हयातुल हैवान जिल्द 1 सफ़्हा 101/हाशिया कन्जुद्दकाइक़ सफ़्हा 13)

सवाल- किन जानवरों का गोश्त खाना हराम व मम्नूअ है?
*जवाब- सब की तफ़सीर तो दुशवार है अलबत्ता कुछ उसूल बयान किये जाते है जिनसे जुज़यात मालूम हो सकते हैं,(1)हर वह जानवर जो कीले(पन्जे) से शिकार करता हो उसका खाना हराम है जैसे’शेर,गीदड़,लोमड़ी,बिज्जू वगैरह,*
*(2) हर वह परिन्दा जो पन्जे से शिकार करता हो उसका खाना हराम है जैसे शिकरा,बाज़,चील,हशरातुल अर्द वगैरह,*
*(3)इसी तरह वह सारे जानवर हराम व मम्नूअ है जिनके गोश्त से इन्सानी जिस्म को नुकसान पहुँचे या वह जानवर ऐसा खुद उनकी ग़िज़ा नापाकी पहुँचे या वह जानवर ऐसा हो कि खुद उनकी ग़िज़ा नापाकी और गन्दगी हो और शरीफ़ तबीअत को उनके खाने से क़ब्ज़ हो उस उसूल के तहत तमाम हशरातुल अर्द ज़हरीले जानवर गन्दे और मुर्दार वाले चरिन्दे और परिन्दे सब हराम व मम्नूअ है,*
*(4) इसी तरह वह जानवर जो जिस्म में किसी हिस्सी खराबी का सबब तो नहीं बनते मगर वह ख़बीसुन्नफ़्स और मूज़ी सिफ़त वाले है उनके खाने से भी मना किया गया है जैसे साँप बिच्छु कछुआ वगैरह।*
(📚अबु दाऊद शरीफ़ जिल्द 2 सफ़्हा 177/मुकद्दमा,/
📚फ़तावा रिज़विया जिल्द 8 सफ़्हा 316)

सवाल- जिन जानवरों को बुतों के नाम पर छोड़ा गया हो उनका गोश्त खाना कैसा है?
*जवाब- अगर मुसलमान ख़रीदकर उसको ज़िबह करे उसका खाना हलाल है।*
(📚फ़तावा रिज़विया जिल्द 8 सफ़्हा 338)

सवाल- वह कौनसा जानवर है जिसके पालने पर नाम-ए-आमाल से दस नेकियाँ कम हो जाती है?
*जवाब- कुत्ता है । हदीस शरीफ़ में है जो कुत्ता पाले रोज़ उसकी नेकियों में से दो क़ीरात कम हों सिर्फ दो किस्म के कुत्तों की इजाज़त है एक शिकारी कुत्ता उसके लिये जिसे खाने या दवा वगैरह सही फ़ायदे के लिए शिकार की हाजत हो दूसरा वह कुत्ता जो खेती या घर वगैरह की हिफ़ाज़त के लिऐ हो और हिफ़ाज़त की वाकई जरूरत भी हो।*
(📚मिश्कात शरीफ जिल्द 2 सफ़्हा 359/📚फ़तावा रिज़विया जिल्द 10 निस्फ अव्वल सफ़्हा 196)

सवाल- वह कौनसे जानवर है जिसके मारने पर सवाब है?
*जवाब- छिपकली या गिरगिट हदीस शरीफ में है कि जो शख़्स गिरगिट या छिपकली को पहली बार में मारेगा तो उसके नामऐ आमाल में सौ नेकियाँ लिखी जायेंगी और दूसरी बार में उससे कम और तीसरी बार में उससे भी कम।*
(📚मुस्लिम शरीफ़ जिल्द 2 सफ़्हा 358)

सवाल- किन जानवरों को मारने से मना किया गया है?
*जवाब- चींटी,शहद की मक्खी,मेढक,लटूरा हुदहुद।*
(📚अबु दाऊद शरीफ़ 2 सफ़्हा 358/हयातुल हैवान जिल्द 2 सफ़्हा 86)

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