Kisse Kahani

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Mar ke zinda hona

                   “Kisse Kahani के सिलसिले में आज Episode-*02* है, जिसमे हम क़ुरआन के एक ऐंसे वाक़ये का ज़िक्र करेंगे जिसमे Mar ke zinda hona बताया। ”                                                   हज़रते इब्राहीम अ.स.ने एक मरतबा अल्लाह तआला  से अर्ज़ किया। कि या अल्लाह तू मुझे बता दे कि तू मुर्दों को किस तरह ज़िंदा फरमाएगा। 

               अल्लाह तआला ने फरमाया – कि आए इब्राहीम इस पर तुम्हारा ईमान नहीं है। तो इब्राहीम अ.स.ने फरमाया क्यों नहीं, मैं इस पर ईमान तो रखता हूँ, लेकिन मेरी तमन्ना ये है कि उस मंज़र को अपनी आँखों से देख लूं। ताकि मेरे दिल को क़रार आ जाए।
              तो अल्लाह तआला ने फरमाया – कि तुम चार परिंदों को पालो उनको खूब खिला पिला कर अच्छी तरह हिला-मिला लो ।

               और फिर तुम उन्हें ज़िब्हा करके उनका कीमा बना कर अपने गिरदो नबा के चंद पहाड़ों पर थोड़ा-थोड़ा गोश्त रख दो, फिर उन परिंदों को पुकारो तो वे परिंदे ज़िंदा होकर दौड़ते हुए तुम्हारे पास आ जाएंगे। और तुम मुर्दों को ज़िंदा होने ( Mar ke zinda hona ) का मंजर अपनी आंखों से देख लोगे।
                 चुनांचे हज़रते इब्राहीम अ.स. ने एक मुर्ग, एक कबूतर, एक गिद्ध, और एक मोर, इन चार परिंदों को पाला और एक मुद्दत तक इन परिंदों को खूब खिला पिला कर हिला मिला लिया।

               फिर इन चारों परिंदों को ज़िब्हा करके इनका सर अपने पास रख लिया , और उन चारों का कीमा बना कर थोड़ा-थोड़ा गोश्त अतराफ़ और जवालित के पहाड़ों पर रख दिया ।

               और दूर खड़े होकर उनका नाम पुकारा – या अय्योहद्दीक (यानि अए मुर्ग़), या अय्यतोहल हमामा (यानि अए कबूतर ), या अय्योहन्नास्र (यानि अए गिद्ध), या अय्योहत्ताऊस ( यानि अए मोर) ।

               आपकी पुकार से पहाड़ों से एक दम गोश्त का कीमा उड़ना शुरू हो गया और इन परिंदों का गोश्त-पोश्त हड्डी पर अलग होकर चार परिंदे जो थे बिना सरों के (क्योंकि सर तो हज़रते इब्राहीम अ.स. के पास थे) दौड़ते हुए हज़रते इब्राहिम अ.स. के पास आ गए ।

               और अपने सरों से जुड़ कर फिर दान चुगने लगे, और अपनी-अपनी बोलियां बोलने लगे।

               और हज़रते इब्राहीम अ.स. ने अपनी आंखों से मुर्दों के जिंदा होने का मंज़र देख लिया। और उनके दिल को इत्मिनान और क़रार मिल गया।

                 “इस वाक़ए का ज़िक्र खुदा बंदे करीम ने क़ुरआन-ए-मजीद में सूरह बकरा, आयत नं. 260 में फरमाया है।”

Adam A.S. Ka Waqya

Meri Qismat Ka Sitara

Taboot-E-Sakina